Computer ki full form: Computer के parts, कंप्युटर के प्रकार

तकरीबन हम सबने computer को देखा होगा और उपयोग भी किया होगा। लेकिन बहुत कम लोगों को computer ki full form जानते होंगे।इस पोस्ट मे हम कंप्युटर की पूरी माहिती प्रदान करेंगे तो अंत तक जरूर पढे।

Computer full form

Computer का फूल फॉर्म Commonly Operated Machine Particularly Used in Technical and Educational Research होता है। हमने अंग्रेजी मे computer का full form जान लिया तो अब हिन्दी मे इसका फूल फॉर्म जानते है।

Computer full form in Hindi

कंप्युटर का हिन्दी मे पूर्ण रूप नीचे मुजब ले सकते है।

  • सी(C) – आम तौर पर
  • ओ(O) – संचालित
  • एम(M) – मशीन
  • पी(P) – विशेष रूप से
  • यू(U) – प्रयुक्त
  • टी(T) – तकनीकी
  • ई(E) – शैक्षणिक
  • आर(R) – अनुसंधान

यह तो हमने कंप्युटर का हिन्दी मे पूर्ण नाम सीखा लेकिन कंप्युटर को शुद्ध हिन्दी भाषा मे संगणक नाम से पहचाना जाता है।

इसलिए हम कह सकते है की कंप्यूटर एक ऐसी मशीन है जिसका प्रयोग आमतौर पर तकनीकी और शैक्षणिक अनुसंधान के लिए किया जाता है।

Computer का हिन्दी नाम

कंप्युटर के शब्द का विश्लेषण कुछ इस तरह होता है:

Computer = Compute + r(suffix)

यानि की computer का अर्थ गणना करना और suffix (R) का मतलब होता है गणना करने वाला। इससे हम कह सकते है की….

Computer = संगणक यंत्र या गणना करने वाला यंत्र

CSTT (Commission for Scientific and Technical Terminology) द्वारा कंप्युटर का हिन्दी अर्थ संगणक नामित किया गया था।

What is a computer? (कंप्युटर क्या है?)

computer ki full form
computer ki full form

‘compute’ शब्द से computer शब्द निकला है। यानी की इसका सरल भाषा मे अर्थ ‘गणना’ ले सकते है।

computer ki full form तो जान लिया अब उसकी परिभाषा समजते है।

Computer Defination

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो बहुत सारे जानकारियों को संचित से लेकर ढूंढने एवं व्यवस्थित करने का काम करता है एवं अन्य मशीनों को नियंत्रित भी करता हो, इसे हम ”कंप्यूटर” नाम से पहचानते है।

Parts of Computer (कंप्युटर के भागो )

हमने सभी ने घर हो या स्कूल मे हमने कंप्युटर के भाग का उपयोग किया ही होगा। जिसे आप चित्र मे देख सकते है।

Parts of Computer
Parts of Computer
  • कंप्यूटर केस (computer case)
  • मॉनिटर(monitor)
  • कीबोर्ड(keyboard)
  • माउस (MOUSE)
  • पावरकोर्ड (power cord)

अब हम सबको विस्तार से समजते है।

Computer case (कंप्यूटर केश)

कंप्यूटर का सबसे मुख्य अंग कंप्यूटर केस होता है। जिसके साइज भिन्न भिन्न होते है। कंप्यूटर केस के अंदर मदर बोर्ड, CPU, storage device, BUS और पावर सप्लाई यूनिट होता है।

  • Motherboard
  • CPU – Central processing unit
  • RAM – Random Access Memory
  • ROM – read-only memory
  • BUS (wire)
  • Hard Drive
  • Video Card
  • Processor
  • Memory
  • Power supply

M.O.U.S.E. (माउस)

mouse

माउस कमांड देने का डिवाइस है। जिसके द्वारा स्क्रोल करने के साथ-साथ लेफ्ट व राइट क्लिक किया जाता है।
मुख्य रूप से यह 8 प्रकार के होते हैं

  • Mechanical Mice
  • 3D mice
  • Gaming
  • Tactile
  • Gyroscopic and Inertial
  • Optical and Laser
  • Pucks types
  • Ergonomic

Monitor (मॉनिटर)

कंप्यूटर के डिस्प्ले सिस्टम को मॉनिटर कहते हैं। कंप्यूटर का वह हिस्सा जहां पर आप कोई टेस्ट, फोटो या कोई वीडियो को देख सकते हैं।आसान भाषा में कहें तो टीवी जैसे दिखने वाला कंप्यूटर के हिस्से को मॉनिटर कहते हैं।

आज के समय सबसे अच्छा मॉनिटर OLED को माना जाता है। इससे पहले LCD (Liquid Crystal Display) का प्रयोग होता था और इससे भी पहले CRT(Cathode Ray Tube) वाला बड़ा मॉनिटर होता था।

Keyboard (कीबोर्ड)

कीबोर्ड कंप्यूटर से कम्युनिकेशन करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इंसान जो भी कमांड देता है, वह कीबोर्ड के बटन को दबाकर ही दे सकता है। आसान भाषा में अगर कहा जाए तो जैसे आपके इस स्मार्टफोन में कीबोर्ड होता है जिससे कि आप कोई अक्षर को टाइप करते हैं।

Power cord (पावरकोर्ड)

आप जानते हैं कि कंप्यूटर को भी काम करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंप्यूटर के कंप्यूटर केस में होता है। कंप्यूटर के स्कोर पावर कोर्ट के द्वारा plug-in की जाती है।

अगर किसी के घर में वोल्टेज फुल एक्टिवेट होता हो या पावर कट होता हो तो कंप्यूटर केस और पावर प्लग इन के बीच में सीपीयू का प्रयोग किया जाता है।

हमने computer ki full form से कंप्युटर का अर्थ जाना तो चलिए अब कंप्युटर के प्रकार समजते है ….

Types of Computer (कंप्युटर के प्रकार)

कंप्युटर के बहुत सारे प्रकार है। जिनमे से नीचे मुजब के प्रकार मुख्य है।

सुपर कंप्यूटर
मेनफ़्रेम कंप्यूटर
मिनी कंप्यूटर
माइक्रो कंप्युटर
वर्क स्टेशन
लैपटॉप
टैबलेट
स्मार्टफोन
सिंगल-बोर्ड कंप्यूटर
नेटबुक

कंप्युटर के पार्ट को तो जान लिया तो अब कंप्युटर की विशेषता जानते है।

कंप्युटर की विशेषता

1. जहां एक आपको एक छोटी सी Calculation करने में बहुत सारा समय लगता है वहीं Computer बडी से बडी Calculation करने मे कम समय में कर लेता है। यह गति उसे प्रोससर से प्रदान होती है कंप्‍यूटर की गति को हर्ट्ज में मापा जाता है, कंप्यूटर के कार्य करने की तीव्रता प्रति सेकंड्स, प्रति मिलिसेकंड्स, प्रतिमाइक्रो सेकंड्स, प्रति नेनोसेकंड्स ईत्यादी में आंकी जाती है।

2.त्रुटि रहित कार्य करना यानि पूरी सटीकता (Accuracy) के साथ किसी भी काम का पूरा करना कंप्यूटर की सबसे बड़ी विशेषता है, कंप्‍यूटर द्वारा कभी कोई गलती नहीं की जाती है, कंप्‍यूटर हमेशा सही परिणाम देता है।

3.क्योंकि कंप्यूटर तो हमारे द्वारा बनाये गए प्रोग्राम द्वारा निर्दिष्ट निर्देश का पालन करके ही किसी कार्य को अंजाम देता है, कंप्यूटर द्वारा दिया गया परिणाम गलत दिया जा रहा है तो उसके प्रोग्राम में कोई गलती हो सकती है जो मानव द्वारा तैयार किये जाते।

4.कंप्‍यूटर को एक बाद निर्देश देने पर जब तक कि कार्य पूरा नहीं हो जाता है वह स्वचलित (Automation) रूप से बिना रूके कार्य करता रहता है।

5.कम्प्यूटर में प्रयुक्त मेमोरी को डाटा, सूचना और निर्देशों के स्थायी भंडारण के लिए प्रयोग किया जाता है। चूंकि कम्प्यूटर में सूचनाएं electronic तरीके से संग्रहित की जाती है, अंत मे सूचना के समाप्त होने की संभावना कम रहती है।

6.कम्प्यूटर के बाह्य (external) तथा आंतरिक (internal) संग्रहण माध्यमों (हार्ड डिस्क, फ्लॉपी डिस्क, मैग्नेटिक टेप,ROM,) में असीमित डाटा और सूचनाओं का संग्रहण किया जा सकता है । कम्प्यूटर में कम स्थान घेरती सूचनाओं का संग्रहण किया जा सकता है। अतः इसकी भंडारण क्षमता विशाल और असीमित है।

7.कम्प्यूटर प्रयोग द्वारा कुछ ही मिली सेकंड में भंडारित सूचना में से आवश्यक सूचना को प्राप्त किया जा सकता है। RAM (RAM- Random Access Memory) के प्रयोग से वह काम और भी सरल हो गया है।

8.कम्प्यूटर को एक मशीन होने के कारण मानवीय दोषों से रहित है। इसे थकान तथा बोरियत महसूस नहीं होती है और हर बार समान क्षमता से कार्य करता है।

9.बार-बार तथा लगातार एक ही कार्य करने के बावजूद कम्प्यूटर के कार्य की गुणवत्ता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

कंप्यूटर की मर्यादाये

  1. बुद्धिमता की कमी (Lack of Intelligence) कम्प्यूटर एक मशीन ही है। उसमें मनुष्‍‍‍य के समान बुद्धिमता (Intelligence) नहीं है यह केवल यूजर द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन करता हैं, किसी भी स्थिति में कंप्‍यूटर न तो दिये गये निर्देशों से कम काम करता है।
  2. कम्प्यूटर एक ऐसी मशीन है जिसे समय समय पर अपग्रेड और अपडेट (Upgrade and Update) करना होता है यदि ऐसा नहीं किया तो कंप्‍यूटर ठीक प्रकार से कार्य नहीं कर पाता है।
  3. यह भी जानना जरूरी है कि कंप्‍यूटर कभी कोई गलती नहीं करता है, लेकिन अगर यूजर उससे गलत काम लेता है तो उसे इसका सामान्य बोध यानि Common Scene नहीं होता है अगर आपने कंप्‍यूटर को बताया नहीं है “रीमा एक लडकी है” तो वह उसे by default लडका ही मानेगा, उसे नाम में फर्क करना नहीं आता है, Computer एक बुद्धिमान मशीन नहीं है यह सही या गलत कि पहचान नहीं कर पाती है|
  4. कंप्‍यूटर को काम करने के लिये विद्युत (electricity) की आवश्‍यकता होती है बिना विद्युत (electricity) को कंप्‍यूटर एक धातु के डब्‍बे से ज्‍यादा और कुछ नहीं है।
  5. कंप्‍यूटर को हमेशा वायरस का खतरा बना रहता है, एक बार वायरस आने पर यह कंप्‍यूटर ऑपरेटिंग सिस्‍टम के साथ उसमें सुरक्षित फाइलों को भी नुकसान पहॅुचा सकता है और आपके गोपनिया पर भी खतरा रहता है।

Computer से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण नाम

  • URL – Uniform Resource Locator.
  • USB – Universal Serial Bus.
  • VIRUS – Vital Information Resource Under Seized.
  • DOC – Document (Microsoft Corporation)
  • PDF – Portable Document Format
  • IP – Internet Protocol.
  • DVX – DivX Video
  • HTML – Hyper Text Markup Language
  • UPS – Uninterruptible Power Supply.
  • CD – Compact Disk.
  • DVD – Digital Versatile Disk
  • RAM – Random-access memory
  • ROM – read-only memory
  • CPU – Central processing unit central
  • OS – operating system
  • HTTP – Hyper Text Transfer Protocol.
  • HTTPS – Hyper Text Transfer Protocol Secure.
  • IP – Internet Protocol

History of Computer (कंप्युटर का इतिहास)

अंग्रेज गणितज्ञ चार्ल्स बैबेज ने 1822 मे Differential Engine नाम से एक मशीन बनाई थी। यह मशीन गणना करने के मामले में अपने समय की सबसे तेज मशीन मानी जाती थी। इसे पहला Mechanical computer कहा जाता है।

history of computer

1833 में चार्ल्स बैबेज ने इस इंजन का विकसित रूप Analytical Engine तैयार किया था जो बहुत ही शक्तिशाली मशीन थी। इसी वजह से चार्ल्स बैवेज का एनालिटिकल इंजन आधुनिक कम्प्यूटर का आधार बना है।

इस वजह से चार्ल्स बैबेज को कंप्यूटर का पिता कहा जाता है जिन्होंने दुनिया के लिए पहली बार प्रोग्राम करने योग्य कंप्यूटर की अवधारणाओं की शुरुआत की थी। इसी प्रयास और लगन की वजह से आज दुनिया के पास कंप्यूटर जैसा दुनिया का सबसे पावरफुल मशीन उपलब्ध है।

इनके द्वारा बनाई गई मशीन में कई व्हील्स (चक्के और गियर) लगे हुए थे, जिनकी मदद से कम्प्यूटर में नंबर डाले जाते थे और यह मशीन भाप से चलती थी। यह मशीन 0 से 9 तक के नंबरों पर काम करती थी। इस इस मशीन का प्रयोग 1832 से 1900 तक किया गया।

विश्व का सौ प्रथम कंप्युटर का नाम क्या था ?

विश्व का सौ प्रथम कंप्युटर 1946 मे बना ENIAC ( Electronic Numerical Integrator and Computer ) था जिसे University of Pennsylvania के John Mauchly and J. Presper Eckert ने बनाया था।

भारत का सौ प्रथम कंप्युटर का नाम क्या था ?

भारत का सौ प्रथम कंप्युटर HEC 2M था जिसे Indian Statistical Institute (ISI), कोलकाता मे रखा गया था।

कंप्युटर की पीढ़िया

कंप्युटर की कुल 5 पीढ़िया है:

1.पहली (वैक्यूम ट्यूब्स)

1940 से लेकर 1956 के बीच कम्प्यूटर में वैक्यूम ट्यूब का उपयोग किया गया। बड़े होने की वजह से ये ज्यादा जगह लेते थे और इससे गर्मी भी काफी ज्यादा बनी रहती थी। ये वो दौर था जब कंप्यूटर ने असली आकार लेना शुरू किया। इस तकनीक से बनाए गए पहले दो कम्प्यूटर का नाम UNIVAC और ENIAC थे।

2.दूसरी (ट्रांजिस्टर)

सन 1956 से 1963 तक कंप्यूटर में ट्रांजिस्टर का उपयोग किया जाने लगा। यह डिवाइस काफी सस्ते थे और इनके रखरखाव में भी खर्चे बहुत कम थे।

3.तीसरी (इंटीग्रेटेड सर्किट)

सन 1964 से 1971 तक के इस दौर में कंप्यूटर में स्क्रीन और की बोर्ड का उपयोग शुरू हो गया था। इस दशक में सिलिकॉन चिप पर IC का निर्माण होने से इसे कंप्यूटर में इस्तेमाल किया गया। इस तकनीक की वजह से कंप्यूटर का आकार भी छोटा हुआ और कार्यक्षमता मे बढ़ोत्तरी आई।

4.चौथी (माइक्रोप्रोसेसर)

सन 1971 से 1985 तक के दौर में माइक्रोप्रोसेसर का दौर कह सकते है। 1971 में ही पहली इंटेल द्वारा IC4004 चिप बनाई गई थी। 1981 में IBM और 1984 APPLE ने अपने पहले कम्प्यूटर पेश करे थे। 1973 में डगलस एंगलबर्ट ने पहला कम्प्यूटर के लिए माउस बनाया था।

5.पांचवी (आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस)

इस दौर को हम AI पेढ़ी कह सकते है। 1985 से लेकर अब तक के दौर को पांचवी पीढ़ी में ही रखा गया है। इस युग में कंप्यूटर का इस्तेमाल हर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर होने लगा था। इस दौर के बाद ही वॉयस रिकॉग्निशन और आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस जैसे फीचर्स कम्प्यूटर में आने से कंप्युटर का और विकास हुआ।

प्रमुख कंप्युटर बनाने वाली companies

  • Apple Inc.
  • Samsung Electronics Co. Ltd.
  • IBM.
  • Foxconn Technology Group.
  • HP Inc.
  • Lenovo.
  • Quanta Computer.
  • ASUSTeK.

Frequently Asked Questions

  1. What is the full form of Computer?

    computer ki full form

    The full form of Computer is Commonly Operated Machine Particularly Used in Technical and Educational Research.

  2. Computer के पिता किसे कहा जाता है?

    Charlse Babbage (चार्ल्स बैबेज) को कंप्युटर के पिता कहा जाता है।उन्होंने 1822 मे Differential Engine नाम से एक मशीन बनाई थी जिसे हम मकैनिकल कंप्युटर के नाम से पहचानते है।

  3. Computer Mouse की खोज किसने की थी? कब ?

    laser-mouse

    कंप्युटर माउस की खोज अमेरिकन वैज्ञानिक Douglas Carl Engelbart (डगलस कार्ल एंजेलबर्ट) ने की थी ।
    स्टैनफोर्ड शोध संस्थान में डगलस कार्ल एंजेलबर्ट ऑग्मेंटेशन शोध केन्द्र के नाम से अपनी प्रयोगशाला स्थापित की थी। उनकी प्रयोगशाला ने ARPANET के विकास में सहयोग किया़, जिसने इंटरनेट का उद्भव किया था 1968 में सैन फ्रांसिसको में माउस का पहला सार्वजनिक प्रदर्शन किया।

  4. कंप्युटर के भागों कितने है ?

    कंप्युटर के बहुत सारे parts है इनमे से प्रमुख भागे यह है।
    Motherboard
    CPU – Central processing unit
    RAM – Random Access Memory
    ROM – read-only memory
    BUS (wire)
    Hard Drive
    Video Card
    Processor
    Memory
    Power supply

  5. टॉप कंप्युटर बनाने वाली compnies कौन कौन है ?

    Apple Inc.
    Samsung Electronics Co. Ltd.
    IBM.
    Foxconn Technology Group.
    HP Inc.
    Lenovo.
    Quanta Computer.
    ASUSTeK.

अंतिम शब्द

इस पोस्ट मे हमने Computer ki full form, What is types of computer, computer के भाग, कंप्युटर की विशेषता, कंप्युटर की खामिया, प्रमुख कंप्युटर बनाने वाली कॉम्पनीया, कंप्युटर का इतिहास पढ़ा।

मै आशा रखता हु की आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा और आपके ज्ञान बढ़ा होगा।

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